“भारत का पहला सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म”

भारत टैक्सी भारत का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइडहेलिंग प्लेटफॉर्म हैजिसे 6 जून 2025 को बहुराज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत स्थापित किया गया था। इसे आठ राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों का समर्थन प्राप्त है। यह एक सदस्यस्वामित्व वाले मॉडल के साथ डिजिटल गतिशीलता (परिवहन) को जोड़ती है। यह प्लेटफ़ॉर्म शून्यकमीशन मॉडल के रूप में काम करता है, जिसमें सारथी सदस्य मालिकों के रूप में भाग लेते हुए पूरी किराया आय के रूप में अपने पास रखता है। 25 जुलाई 2026 तककई  शहरों में भारत टैक्सी के लगभग 8 लाख पंजीकृत ड्राइवर और लगभग 41 लाख पंजीकृत ग्राहक हैं। यह पारदर्शी मूल्य निर्धारणकई सवारी श्रेणियांमहिलाकेंद्रित  पहलडिजिटल एकीकरण और सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान करता है। संस्थागत साझेदारी, 2029 तक नियोजित राष्ट्रव्यापी विस्तार और प्रौद्योगिकीसक्षम सेवाओं के साथभारत टैक्सी  समावेशी और सहकारी शहरी गतिशीलता के माध्यम से सहकार से समृद्धि के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाती है।

भारत टैक्सी की स्थापना

भारत टैक्सी बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है। यह अधिनियम एक से अधिक राज्यों में काम करने वाली सहकारी समितियों को नियंत्रित करता है। यह सदस्यों के स्व-सहायता, पारस्परिक सहायता और आर्थिक तथा सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देते हुए स्वैच्छिक गठन, लोकतांत्रिक कामकाज और संस्थागत स्वायत्तता को सक्षम बनाता है

भारत टैक्सी की औपचारिक स्थापना जून 2025  को आठ राष्ट्रीय स्तर के सहकारी संस्थानों द्वारा की गई थी। इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं:

  • राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी)
  • इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको)
  • राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड)
  • कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको)
  • गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (अमूल)
  • भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड)
  • राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी)
  •    नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (एनसीईएल)

इस प्लेटफ़ॉर्म में ड्राइवरों को सारथी के रूप में जाना जाता  है और उन्हें सदस्य मालिकों के रूप में एक सहकारी ढांचे के भीतर रखा जाता है। यह पहल पारदर्शी आय, संस्थागत प्रतिनिधित्व और नैतिक सेवा मानकों को बढ़ावा देती है। यह पहल जवाबदेही और साझा मूल्य सृजन पर आधारित प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को विश्वसनीय और सस्ती परिवहन सेवाएं प्रदान करने का भी प्रयास है।

तेजी से बढ़ती प्लेटफ़ॉर्म अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि के खिलाफ, यह सहकारी स्वामित्व और ड्राइवर भागीदारी के साथ डिजिटल गतिशीलता सेवाओं को जोड़ती है। यह शहरी परिवहन के लिए एक नए दृष्टिकोण को दर्शाता है जो तकनीकी नवाचार को सहयोग के सिद्धांतों के साथ जोड़ता है।

सहकारी स्वामित्व मॉडल

भारत टैक्सी की संरचना को सहकारी ढांचे में तैयार किया गया है जो शासन, स्वामित्व और वित्तीय भागीदारी को एकीकृत करता है। इस मॉडल में सारथी को केंद्र में रखा गया है, उन्हें न केवल ड्राइवरों के रूप में बल्कि इसके कामकाज और विकास में हितधारकों के रूप में भी पहचान दी गई है।

शून्य कमीशन वित्तीय मॉडल

भारत टैक्सी शून्य-कमीशन और मांग बढ़ जाने पर अचानक किराया में बढ़ोतरी से मुक्त (सर्ज-फ्री) मूल्य निर्धारण मॉडल पर काम करती है। इसे पारंपरिक राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म के सहकारी विकल्प के रूप में डिजाइन किया गया है। यह सहकारी एक सदस्यता-आधारित मॉडल का पालन करता है, जो ड्राइवरों को पूर्ण किराया आय बनाए रखने में सक्षम बनाता है।

यात्री केवल दूरी, समय और बाजार की स्थितियों के आधार पर लागू यात्रा किराए का भुगतान करते हैं। एप्लिकेशन के माध्यम से कोई अतिरिक्त सुविधा शुल्क, प्लेटफ़ॉर्म शुल्क या वृद्धि मूल्य निर्धारण नहीं लिया जाता है।

भारत टैक्सी योजना के तहत  सहकारी समिति की कमाई का 20 प्रतिशत सारथियों की पूंजी के रूप में भारत टैक्सी में जमा किया जाता है। शेष 80 प्रतिशत सारथियों के बीच उनकी टैक्सियों द्वारा तय किए गए किलोमीटर के आधार पर  वितरित किया जाता है।  परिचालन  खर्चों को पूरा करने के लिए केवल भारत टैक्सी संचालित हवाई अड्डे के प्रीपेड बूथों पर 7 प्रतिशत सेवा शुल्क लगाया जाता है।

सारथी ही मालिक के रूप में भागीदार

भारत टैक्सी का निर्माण सहकारी सिद्धांत पर किया गया है कि जो लोग श्रम में योगदान करते हैं, उन्हें स्वामित्व और निर्णय लेने की क्षमता भी साझा करनी चाहिए, जो सारथी ही मालिक के दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह मॉडल सारथी को भारत टैक्सी के प्रबंधन में भाग लेने और इसके विकास से लाभ उठाने में सक्षम बनाता है। यह निर्णय लेने में पारदर्शी भागीदारी और साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देता है। भारत टैक्सी सारथियों को स्वामित्व के केंद्र में रखकर एक निष्पक्ष, समावेशी और सहभागी शहरी गतिशीलता परितंत्र का निर्माण करना चाहती है।

स्वामित्व और  प्रबंधन संरचना की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:

  • शेयरधारिता के माध्यम से स्वामित्व : सारथी प्रत्येक 100 रुपये मूल्य के शेयरों के माध्यम से सहकारी समिति की शेयर पूंजी की सदस्यता लेकर सदस्य मालिक बन जाते  हैं। एक सारथी जो भागीदार बनना चाहता है, वह 500 रुपये के शेयर खरीदकर स्वामित्व अधिकार प्राप्त कर सकता है
  • ड्राइवर-केंद्रित शासन: शेयर सारथी के पास होते हैं, जिससे वे ऐसे सदस्य बन जाते हैं जो नीतियों और परिचालन निर्णयों को आकार देने में भाग ले सकते हैं।
  • नेतृत्व में प्रतिनिधित्व: निदेशक मंडल में सारथी सदस्यों के लिए आरक्षित सीटें यह सुनिश्चित करती हैं कि शासन में ड्राइवरों के हितों का प्रतिनिधित्व हो।भारत टैक्सी पर राइड कैस बुक करें

    भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म एक सरल डिजिटल इंटरफेस के माध्यम से यात्रियों को सवारी बुक करने और ड्राइवरों को सारथी के रूप में पंजीकरण करने की अनुमति देता है। बुकिंग प्रक्रिया को त्वरित और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ऐपआधारित बुकिंग के अलावा, भारत टैक्सी  सीधी सवारी बुकिंग के लिए चयनित हवाई अड्डों पर प्रीपेड बूथ संचालित करती है। इसके अतिरिक्त, जो ड्राइवर सारथी के रूप में इस प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ना चाहते हैं, वे आवश्यक दस्तावेज़ जमा करके और ऑनबोर्डिंग पूरा करके ऐप या वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।

 

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