दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 27 अगस्त को मिलेगा पेंशन पत्र, एक सितंबर से खातों में आएंगे पैसे

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नई दिल्ली, 18 अगस्त । दिल्ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत महिलाओं को 27 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पात्र महिलाओं को पेंशन का आधिकारिक पत्र सौंपा जाएगा, जबकि एक सितंबर से पेंशन की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी और पात्र महिलाओं को नियमित रूप से योजना का लाभ मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली लक्ष्मी योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा के अलावा योजना के लिए गठित जिला स्तरीय स्वीकृति, निगरानी एवं शिकायत निवारण समितियों (डीएलएएमजीआरसी) के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में योजना की प्रगति की समीक्षा की गई और इतने कम समय में हुए कार्य की सराहना की गई।

बैठक में समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह और रुचि देखने को मिल रही है। वर्तमान सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और योजना का लाभ अब सीधे पात्र महिलाओं तक पहुंचने वाला है। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना की सफलता के लिए जिला स्तरीय समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने समितियों के पदाधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन की पूरी गंभीरता से जांच और निगरानी की जाए ताकि पात्र महिलाओं को बिना अनावश्यक देरी के योजना का लाभ मिल सके। जांच प्रक्रिया जितनी तेजी से पूरी होगी, मामलों का निस्तारण उतनी ही जल्दी होगा और पात्र महिलाओं तक पेंशन पहुंचाने की प्रक्रिया भी तेज होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तरीय समितियों में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। ऐसे में यदि किसी आवेदन में कोई तथ्य संदिग्ध प्रतीत होता है तो उसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने बताया कि सरकार दिल्ली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक पोर्टल www.dly.delhi.gov.in पर जल्द ऐसी व्यवस्था करने जा रही है, जिसके तहत जिन पात्र महिलाओं ने आवेदन में गलत अथवा अधूरी जानकारी दर्ज कर दी है, उन्हें उसमें सुधार कर दोबारा अवसर दिया जा सकेगा। अभी तक योजना के क्रियान्वयन में किसी समस्या की सूचना नहीं मिली है, इसका प्रमुख कारण जिला स्तरीय समितियों द्वारा गंभीरता से किया जा रहा कार्य है। मुख्यमंत्री ने समिति पदाधिकारियों से योजना को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि योजना के शुभारंभ के बाद महज 18 दिनों में करीब आठ लाख महिलाओं ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है, जबकि पांच लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा (फाइनल सबमिट) किए जा चुके हैं। इतने कम समय में दिल्ली की महिलाओं की ओर से मिला यह अभूतपूर्व समर्थन ऐतिहासिक है। इससे पहले सरकार की किसी योजना को इतने कम समय में इस स्तर का जनप्रतिसाद नहीं मिला है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है और ये आंकड़े महिला सशक्तीकरण की इस योजना के प्रति दिल्ली की महिलाओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं।

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