मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं और जनसमस्याओं की समीक्षा की लापरवाही पर होगी कार्रवाई, अधिकारियों की ग्राउंड परफॉर्मेंस एसीआर में होगी दर्ज ककरोई हेड से बसई जल शोधन संयंत्र तक 69.585 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन का जनवरी में होगा शिलान्यास 1,993.59 करोड़ रुपये की परियोजना 30 माह में होगी पूरी दिल्ली से गुरुग्राम कूड़ा डालने वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई, जब्ती के साथ भारी जुर्माना चंडीगढ़, 2 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है – नागरिकों की समस्या की जानकारी, उसका समाधान और फिर नागरिक से उसकी पुष्टि—जब तक नागरिक संतुष्ट नहीं होगा, तब तक शिकायत का निस्तारण पूरा नहीं माना जाएगा। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह बात शुक्रवार को गुरुग्राम में विकास कार्यों की प्रगति, नागरिक सुविधाओं और जनसमस्याओं के समाधान की स्थिति की समीक्षा बैठक के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सरकार के पास नागरिकों की समस्याओं की जानकारी प्राप्त करने और उनके समाधान की स्थिति की निगरानी के लिए समानांतर व्यवस्था है, जिसकी वे स्वयं मॉनिटरिंग करते हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से लगातार यह जानकारी मिलती रहती है कि जमीन पर वास्तविक स्थिति क्या है और नागरिकों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं लेते हैं नागरिकों से फीडबैक : श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कई बार जब कोई नागरिक उनके संज्ञान में अपनी समस्या लाता है तो वे स्वयं उससे बात करते हैं। कई अवसरों पर वे यह बताए बिना कि वे प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं, सीधे नागरिक से उसकी परेशानी पूछते हैं, उसकी बात सुनते हैं और फिर संबंधित विभाग के अधिकारियों के सामने उस समस्या को रखते हैं। उन्होंने कहा कि किसी नागरिक की शिकायत उनके लिए केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि यह जानने का माध्यम है कि सरकार की व्यवस्था उस व्यक्ति तक कितनी पहुंची है। उनका प्रयास है कि मुख्यमंत्री और आम नागरिक के बीच किसी प्रकार की दूरी न रहे और हर व्यक्ति को यह विश्वास हो कि उसकी आवाज सरकार तक पहुंच सकती है। गुरुग्राम के नागरिकों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम हरियाणा की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रशासन को प्रो-एक्टिव होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रयास यह होना चाहिए कि समस्या उत्पन्न होने के बाद समाधान करने के बजाय, जहां संभव हो, समस्या की पहचान पहले ही कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की शिकायतों का लगातार फीडबैक लिया जाए। यदि कोई नागरिक यह बताता है कि उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है, जबकि संबंधित अधिकारी द्वारा निस्तारण की रिपोर्ट दी जा चुकी है, तो ऐसे मामलों की दोबारा जांच की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। फाइल बंद करना निस्तारण नहीं, नागरिक को राहत मिलना वास्तविक निस्तारण : मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायत का निस्तारण केवल फाइल बंद करने से नहीं होता। वास्तविक निस्तारण तभी माना जाएगा, जब संबंधित नागरिक को समस्या से राहत मिले और वह स्वयं पुष्टि करे कि उसकी समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार में जिम्मेदारी तय होगी और जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां कार्रवाई करने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। लापरवाही पर कार्रवाई, अधिकारियों की ग्राउंड परफॉर्मेंस होगी दर्ज : मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुग्राम जिले में बिल्डर द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उचित संचालन नहीं किए जाने से संबंधित एक शिकायत के मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों (आरओ) द्वारा लापरवाही बरते जाने पर उन्हें निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में जो अधिकारी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे, उनकी जमीनी स्तर की कार्य-प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) को वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में भी दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों की जवाबदेही केवल कार्यालय में बैठकर कार्य करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों के आधार पर भी होगी। गुरुग्राम के लिए महत्वपूर्ण निर्णय : मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। रेडी मिक्स कंक्रीट के लिए जोनवार व्यवस्था: गुरुग्राम में रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) के लिए जोनवार क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इससे निर्माण गतिविधियों को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने तथा इससे जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। भूमिगत पाइपलाइन से होगी निर्बाध जलापूर्ति: गुरुग्राम की जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए गुरुग्राम जलापूर्ति चैनल को भूमिगत पाइपलाइन में परिवर्तित किया जाएगा। ककरोई हेड से बसई जल शोधन संयंत्र तक 69.585 किलोमीटर लंबी भूमिगत दबावयुक्त पाइपलाइन परियोजना का जनवरी में शिलान्यास किया जाएगा। ₹1,993.59 करोड़ की इस परियोजना को 30 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली से गुरुग्राम कूड़ा डालने वाले वाहनों पर कार्रवाई: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिल्ली से गुरुग्राम में कूड़ा डालने वाले वाहनों को जब्त किया जाए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुग्राम की स्वच्छता और पर्यावरण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आर्थिक विकास में योगदान देने वाले शहरों की उपेक्षा नहीं : मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम हरियाणा की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों की रीढ़ है। फरीदाबाद सहित प्रदेश के वे सभी शहर, जो राज्य की अर्थव्यवस्था और राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, उनके विकास और नागरिक सुविधाओं के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आज की बैठक का उद्देश्य केवल निर्णय लेना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि निर्णयों की डिलीवरी जमीन पर दिखाई दे। सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी समस्याओं का वास्तविक समाधान करना तथा सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है—“समस्या की जानकारी, उसका समाधान और फिर नागरिक से उसकी पुष्टि।” जब तक नागरिक संतुष्ट नहीं होगा, तब तक शिकायत का निस्तारण पूर्ण नहीं माना जाएगा। प्रमुख निर्णय एवं निर्देश नागरिक समस्याओं की मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं मॉनिटर की जा रही समानांतर व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का लगातार फीडबैक लिया जाएगा। प्रो-एक्टिव प्रशासन: प्रशासन समस्या उत्पन्न होने से पहले उसकी पहचान कर समाधान की दिशा में काम करेगा। शिकायतों की क्रॉस-चेकिंग: अधिकारी द्वारा निस्तारण रिपोर्ट दिए जाने के बावजूद नागरिक के असंतुष्ट होने पर शिकायत की दोबारा जांच होगी। जवाबदेही तय होगी: लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ग्राउंड परफॉर्मेंस एसीआर में दर्ज होगी: अधिकारियों के कार्य का मूल्यांकन जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों के आधार पर भी किया जाएगा। एसटीपी मामले में कार्रवाई: बिल्डर द्वारा एसटीपी का उचित संचालन नहीं किए जाने के मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित आरओ को निलंबित किया गया। कूड़ा डालने वाले वाहनों पर कार्रवाई: दिल्ली से गुरुग्राम में कूड़ा लाने वाले वाहनों को जब्त कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। आरएमसी के लिए जोनवार व्यवस्था: गुरुग्राम में रेडी मिक्स कंक्रीट के लिए जोनवार क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी: ककरोई हेड से बसई जल शोधन संयंत्र तक 69.585 किलोमीटर लंबी भूमिगत दबावयुक्त पाइपलाइन का जनवरी में शिलान्यास होगा। परियोजना लागत एवं समय सीमा: 1,993.59 करोड़ रुपये की परियोजना को 30 माह में पूरा करने का लक्ष्य है। नागरिक संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता: नागरिक की पुष्टि के बाद ही शिकायत का वास्तविक निस्तारण माना जाएगा।

गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय ने स्वच्छता मिशन में योगदान के लिए एनडीएमसी के सफाई सेवकों एवं पालिका सहायकों को सम्मानित किया।

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर, 2026.

गांधी जयंती एवं स्वच्छ भारत मिशन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान के अंतर्गत मालचा मार्केट परिसर में विशेष स्वच्छता एवं सफाई अभियान का आयोजन किया गया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, श्री नित्यानंद राय ने इस स्वच्छता अभियान में भाग लिया और स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल हुए।

विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा), भारत सरकार, श्री आनंद स्वरूप, एनडीएमसी अध्यक्ष, श्री मनोज कुमार द्विवेदी, पालिका परिषद के वरिष्ठ अधिकारी, मालचा मार्केट एसोसिएशन के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारकों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता एवं नागरिक दायित्व के प्रति अपनी सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई।

स्वच्छता अभियान में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए श्री नित्यानंद राय ने कहा कि आज का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती है। महात्मा गांधी के जीवन और दर्शन में स्वच्छता, अनुशासन और सार्वजनिक दायित्व को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार माना गया था। उन्होंने स्मरण कराया कि वर्ष 2014 में इसी दिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया था, जो आज एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

गृह राज्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने देश में स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति दृष्टिकोण में व्यापक एवं दृश्यमान परिवर्तन लाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वच्छता का अभियान केवल घरों या व्यक्तिगत परिसरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों को अपने पड़ोस, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और व्यापक सामुदायिक क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए भी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

श्री राय ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि व्यवहार एवं सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक जन आंदोलन है। उन्होंने नागरिकों से इस राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया तथा प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम दस अन्य लोगों को स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में स्थायी और दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित करने के लिए जन भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री राय ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में वृक्षारोपण की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वृक्ष न केवल पारिस्थितिक संरक्षण में योगदान देते हैं, बल्कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मालचा मार्केट परिसर में एक पौधा रोपित किया।

गृह राज्यमंत्री श्री राय ने स्वच्छता कर्मियों के समर्पण और योगदान की भी सराहना की तथा उन्हें देश के स्वच्छता मिशन के अग्रिम पंक्ति के कर्मी बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कर्मी प्रतिदिन अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, लेकिन स्वच्छता बनाए रखने की व्यापक जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की भी है। उन्होंने आम जनता से स्वच्छता कर्मियों के प्रति अधिक सम्मान, सहयोग और सहभागिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर श्री नित्यानंद राय ने स्वच्छता सेवकों एवं पालिका सहायकों को उनके उत्कृष्ट योगदान तथा BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदान की गई समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया और उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें उपहार प्रदान किए।

कार्यक्रम के दौरान श्री नित्यानंद राय एवं श्री आनंद स्वरूप ने नागरिकों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने सभी से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। स्वच्छता शपथ ने सामूहिक जिम्मेदारी और स्वच्छता आंदोलन में नागरिक भागीदारी की भावना को और मजबूत किया।

यह कार्यक्रम स्वच्छता, जन भागीदारी, पर्यावरणीय स्थिरता एवं नागरिक दायित्व को सुदृढ़ करने के प्रति एनडीएमसी की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है तथा एक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ नई दिल्ली के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करता है।

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